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Kedarnath & Badrinath Tour By Car (Do Dham Taxi) — 3-4 लोगों के लिए 5-6 दिन की पूरी यात्रा गाइड

Table Of Contents
  1. यात्रा की शुरुआत — Kedarnath & Badrinath Tour By Car
  2. कौन सी कार मिलेगी?
  3. ड्राइवर के बारे में
  4. दिन 1 — ऋषिकेश से गुप्तकाशी तक का सफर
  5. सुबह 7 बजे — ऋषिकेश से रवानगी
  6. देवप्रयाग — गंगा का जन्म स्थल
  7. श्रीनगर और रुद्रप्रयाग
  8. तिवारी और मंदाकिनी नदी
  9. गुप्तकाशी पहुँचना
  10. दिन 2 — केदारनाथ धाम की यात्रा
  11. सुबह की शुरुआत
  12. सोनप्रयाग — जहाँ कार रुकती है
  13. गौरीकुंड — केदारनाथ ट्रेक का शुरूआती बिंदु
  14. केदारनाथ तक कैसे पहुँचें?
  15. केदारनाथ मंदिर के दर्शन
  16. वापसी और रात का ठहराव
  17. दिन 3 — गुप्तकाशी से जोशीमठ तक
  18. सुबह की रवानगी
  19. रास्ते में कर्णप्रयाग
  20. चमोली और जोशीमठ
  21. दिन 4 — बद्रीनाथ धाम की यात्रा
  22. सुबह की शुरुआत
  23. रास्ते में विष्णुप्रयाग
  24. तापोवन और बद्रीनाथ
  25. तप्त कुंड में स्नान
  26. माता मूर्ति मंदिर
  27. भविष्य बद्री
  28. वापसी और रात का ठहराव
  29. दिन 5 — जोशीमठ से वापस ऋषिकेश/हरिद्वार तक
  30. सुबह की रवानगी
  31. रास्ते में चमोली और रुद्रप्रयाग
  32. श्रीनगर और देवप्रयाग
  33. ऋषिकेश पहुँचना
  34. दिन 6 (वैकल्पिक) — माना गाँव और वासुधारा फॉल्स
  35. माना गाँव
  36. वासुधारा फॉल्स
  37. वापसी
  38. कुल किराया और खर्च का पूरा ब्यौरा
  39. कार का किराया (Maruti Suzuki Ertiga/XL6):
  40. किराए में शामिल:
  41. अन्य अनुमानित खर्च (3-4 लोगों के लिए):
  42. 13 साइटसीन स्पॉट्स — कहाँ-कहाँ घूमेंगे आप

भारत की पवित्र भूमि उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम, करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक हैं। जब 3-4 लोग मिलकर इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं, तो यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बन जाता है जो पूरी जिंदगी याद रहता है। लेकिन सवाल ये है कि इस यात्रा की शुरुआत कैसे करें? कौन सा रास्ता चुनें? कितना खर्च आएगा? और सबसे महत्वपूर्ण — कार से कैसे जाएं?

इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको Kedarnath & Badrinath Tour By Car की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे। चाहे आप पहली बार जा रहे हों या बार-बार, यह गाइड आपके लिए एकदम सही है।

यात्रा की शुरुआत — Kedarnath & Badrinath Tour By Car

आपकी Do DHam Yatra तीन मुख्य बिंदुओं से शुरू हो सकती है — ऋषिकेश, देहरादून या हरिद्वार। इनमें से ऋषिकेश सबसे लोकप्रिय शुरुआती बिंदु है क्योंकि यहाँ से पहाड़ का रास्ता सीधा शुरू हो जाता है।

हमारी टैक्सी सेवा आपके चुने हुए बिंदु से आपको पिकअप करेगी। मान लीजिए आप सुबह 7 बजे ऋषिकेश के अपने होटल से निकलते हैं। ड्राइवर जी आपका इंतज़ार कर रहे होंगे, कार तैयार होगी — साफ, सैनिटाइज़्ड, AC के साथ। सामान लोड होगा और आपकी पवित्र यात्रा शुरू होगी।

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कौन सी कार मिलेगी?

हम Maruti Suzuki Desire प्रदान करते हैं। ये दोनों गाड़ियाँ 3-4 यात्रियों के लिए Best हैं।

  • AC और हीटर — पहाड़ की ठंड में गर्माहट
  • आरामदायक सीटें — लंबे सफर के लिए परफेक्ट
  • बैगेज स्पेस — 3-4 लोगों का सामान आराम से आ जाएगा
  • फ्यूल एफिशिएंट — पहाड़ में भी अच्छा माइलेज

हर ट्रिप से पहले कार की पूरी सफाई और सैनिटाइज़ेशन की जाती है। आपकी सेहत और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।

ड्राइवर के बारे में

हमारे सभी ड्राइवर उत्तराखंड के स्थानीय हैं। उन्हें पहाड़ी रास्तों का दशकों का अनुभव है। वे न सिर्फ ड्राइविंग जानते हैं, बल्कि रास्ते के हर मोड़, हर धर्मशाला, हर अच्छे रेस्टोरेंट की जानकारी रखते हैं। वे आपको दर्शन का सही समय बताएंगे, भीड़ से कैसे बचें ये सिखाएंगे, और रास्ते में कौन सी जगह पर रुकना चाहिए ये सलाह देंगे।

आपकी सुविधा के हिसाब से कार चलेगी। अगर आप रास्ते में ज्यादा रुकना चाहते हैं, फोटो लेना चाहते हैं, तो कोई समस्या नहीं। अगर आप जल्दी पहुँचना चाहते हैं, तो भी कोई दिक्कत नहीं। ये आपकी यात्रा है, हम बस साथी हैं।


दिन 1 — ऋषिकेश से गुप्तकाशी तक का सफर
सुबह 7 बजे — ऋषिकेश से रवानगी

सुबह की ठंडी हवा में जब आप ऋषिकेश से निकलते हैं, तो गंगा जी का आशीर्वाद आपके साथ होता है। ऋषिकेश से निकलकर हम देवप्रयाग की ओर बढ़ते हैं। देवप्रयाग तक का रास्ता लगभग 70 किमी है और इसमें 2 से 2.5 घंटे लगते हैं।

देवप्रयाग — गंगा का जन्म स्थल

देवप्रयाग वो पवित्र स्थल है जहाँ अलकनंदा और भागीरथी नदियाँ मिलकर गंगा बनाती हैं। यहाँ का संगम बेहद खूबसूरत होता है। आप 15-20 मिनट यहाँ रुक सकते हैं, संगम के दर्शन कर सकते हैं, फोटो ले सकते हैं। यहाँ एक छोटा सा मंदिर भी है जहाँ आप पूजा कर सकते हैं।

देवप्रयाग से आगे बढ़ते हुए रास्ता थोड़ा टेढ़ा-मेढ़ा होता जाता है। पहाड़ धीरे-धीरे ऊँचे होते जाते हैं और हवा भी ठंडी होती जाती है।

Kedarnath & Badrinath Tour By Car

श्रीनगर और रुद्रप्रयाग

देवप्रयाग के बाद हम श्रीनगर (गढ़वाल) से गुजरते हैं। श्रीनगर गढ़वाल का एक छोटा सा शहर है जहाँ आप नाश्ता या चाय के लिए रुक सकते हैं। यहाँ के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में आलू परांठा और कच्ची लस्सी बहुत प्रसिद्ध है।

श्रीनगर के बाद हम रुद्रप्रयाग पहुँचते हैं। रुद्रप्रयाग वो स्थान है जहाँ अलकनंदा और मंदाकिनी नदियाँ मिलती हैं। ये दोनों नदियाँ केदारनाथ और बद्रीनाथ की ओर जाती हैं, इसलिए रुद्रप्रयाग को डू धाम यात्रा का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।

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तिवारी और मंदाकिनी नदी

रुद्रप्रयाग के बाद तिवारी आता है। तिवारी के पास से मंदाकिनी नदी बहती है और इसका नज़ारा बेहद मनमोहक होता है। पानी का रंग नीला-हरा होता है और पहाड़ों के बीच से बहती ये नदी आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। यहाँ रुककर फोटो लेना न भूलें।

गुप्तकाशी पहुँचना

शाम तक हम गुप्तकाशी पहुँच जाते हैं। गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम का रास्ता शुरू होता है। यहाँ अर्धनारीश्वर मंदिर है जहाँ आप शाम की आरती कर सकते हैं। रात के लिए हम गुप्तकाशी में ही होटल में रुकते हैं। होटल साफ-सुथरा होगा, गर्म पानी की व्यवस्था होगी और रात का खाना भी यहीं मिल जाएगा।

दिन 1 का सारांश:

  • शुरुआत: ऋषिकेश, सुबह 7 बजे
  • अंत: गुप्तकाशी, शाम 6-7 बजे
  • कुल दूरी: लगभग 230 किमी
  • कुल समय: 8 से 9 घंटे (रुक-रुक कर)
  • ठहराव: गुप्तकाशी होटल

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दिन 2 — केदारनाथ धाम की यात्रा
सुबह की शुरुआत

सुबह 6 बजे नाश्ते के बाद हम गुप्तकाशी से सोनप्रयाग की ओर निकलते हैं। सोनप्रयाग गुप्तकाशी से लगभग 30 किमी दूर है और इसमें 1 घंटा लगता है।

सोनप्रयाग — जहाँ कार रुकती है

सोनप्रयाग वो स्थान है जहाँ निजी गाड़ियाँ आगे नहीं जा सकतीं। यहाँ आपको कार से उतरना होगा। सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक local jeep की सुविधा उपलब्ध है। ये 6 किमी का रास्ता है और local jeep में लगभग 20-25 मिनट लगते हैं। local jeep का किराया लगभग ₹200-300 प्रति व्यक्ति होता है।

गौरीकुंड — केदारनाथ ट्रेक का शुरूआती बिंदु

गौरीकुंड वो स्थान है जहाँ से केदारनाथ धाम का 17 किमी का ट्रेक शुरू होता है। गौरीकुंड में गर्म पानी के झरने हैं जहाँ आप स्नान कर सकते हैं। ये झरने प्राकृतिक गर्म पानी के होते हैं और इनमें स्नान करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।

केदारनाथ तक कैसे पहुँचें?

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पहुँचने के तीन तरीके हैं:

1. ट्रेक (17 किमी):
ये सबसे पारंपरिक तरीका है। 17 किमी का ट्रेक करने में 6 से 8 घंटे लगते हैं। रास्ता चढ़ाई वाला है लेकिन bien लaid है। रास्ते में कई धर्मशालाएँ और रेस्टोरेंट्स हैं जहाँ आप रुक सकते हैं। ट्रेक के दौरान आपको पहाड़ों का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिलेगा।

2. पॉनी/डोली/पिट्ठू:
अगर ट्रेक करना मुश्किल लगता है तो पॉनी, डोली या पिट्ठू की सुविधा उपलब्ध है। पॉनी पर बैठकर आप केदारनाथ पहुँच सकते हैं। पिट्ठू वो व्यक्ति होते हैं जो आपको अपनी पीठ पर उठाकर केदारनाथ ले जाते हैं। ये सेवाएँ गौरीकुंड से मिल जाती हैं और इनका किराया लगभग ₹2000-3000 प्रति व्यक्ति होता है।

3. हेलीकॉप्टर:
सबसे आरामदायक तरीका है हेलीकॉप्टर। फाटा, सिर्सी या गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध है। हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुँचने में सिर्फ 10-15 मिनट लगते हैं। हेलीकॉप्टर का किराया लगभग ₹7000-9000 प्रति व्यक्ति (राउंड ट्रिप) होता है। हेलीकॉप्टर बुकिंग पहले से करनी पड़ती है।

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केदारनाथ मंदिर के दर्शन

केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और पंच केदारों में सबसे महत्वपूर्ण है। मंदिर समुद्र तल से 3583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। मंदिर के चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ हैं और मंदाकिनी नदी पास में बहती है।

मंदिर में दर्शन के लिए लाइन लगती है। सुबह 6 बजे से शाम 3 बजे तक दर्शन का समय होता है। शाम की आरती 6 बजे होती है। दर्शन के बाद आप मंदिर के आसपास घूम सकते हैं, फोटो ले सकते हैं और पहाड़ों का नज़ारा देख सकते हैं।

वापसी और रात का ठहराव

शाम को आप वापस गौरीकुंड और फिर सोनप्रयाग लौटते हैं। सोनप्रयाग से हमारी कार आपको वापस गुप्तकाशी ले जाएगी। रात के लिए फिर से गुप्तकाशी होटल में ठहराव होगा।

दिन 2 का सारांश:

  • शुरुआत: गुप्तकाशी, सुबह 6 बजे
  • केदारनाथ दर्शन: दोपहर 12-2 बजे
  • वापसी: गुप्तकाशी, शाम 7-8 बजे
  • ठहराव: गुप्तकाशी होटल

दिन 3 — गुप्तकाशी से जोशीमठ तक
सुबह की रवानगी

सुबह 7 बजे नाश्ते के बाद हम गुप्तकाशी से जोशीमठ की ओर निकलते हैं। जोशीमठ बद्रीनाथ धाम से पहले का आखिरी बड़ा शहर है।

रास्ते में कर्णप्रयाग

गुप्तकाशी से निकलकर हम कर्णप्रयाग से गुजरते हैं। कर्णप्रयाग वो स्थान है जहाँ अलकनंदा और पिंडर नदियाँ मिलती हैं। ये भी एक पवित्र संगम स्थल है। कर्णप्रयाग में आप 15-20 मिनट रुक सकते हैं, संगम के दर्शन कर सकते हैं और नाश्ता कर सकते हैं।

चमोली और जोशीमठ

कर्णप्रयाग के बाद हम चमोली जिले में प्रवेश करते हैं। चमोली उत्तराखंड का एक सुंदर जिला है और यहाँ के पहाड़ बेहद खूबसूरत हैं। धीरे-धीरे ऊँचाई बढ़ती जाती है और हवा भी ठंडी होती जाती है।

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शाम तक हम जोशीमठ पहुँच जाते हैं। जोशीमठ समुद्र तल से 1875 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और ये बद्रीनाथ धाम जाने से पहले का आखिरी बड़ा शहर है। यहाँ नरसिंह मंदिर है जहाँ आप दर्शन कर सकते हैं। नरसिंह मंदिर बहुत पुराना है और आदि शंकराचार्य ने इसकी स्थापना की थी।

जोशीमठ में आरिस्टो चॉकलेट्स बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ आप ताज़ा बनी चॉकलेट्स खरीद सकते हैं और खा सकते हैं। रात के लिए जोशीमठ होटल में ठहराव होगा।

दिन 3 का सारांश:

  • शुरुआत: गुप्तकाशी, सुबह 7 बजे
  • अंत: जोशीमठ, शाम 5-6 बजे
  • कुल दूरी: लगभग 110 किमी
  • कुल समय: 4 से 5 घंटे
  • ठहराव: जोशीमठ होटल

दिन 4 — बद्रीनाथ धाम की यात्रा
सुबह की शुरुआत

सुबह 6 बजे नाश्ते के बाद हम जोशीमठ से बद्रीनाथ की ओर निकलते हैं। बद्रीनाथ जोशीमठ से लगभग 45 किमी दूर है और इसमें 2 घंटे लगते हैं।

रास्ते में विष्णुप्रयाग

जोशीमठ से निकलकर हम विष्णुप्रयाग से गुजरते हैं। विष्णुप्रयाग वो स्थान है जहाँ अलकनंदा और धौलीगंगा नदियाँ मिलती हैं। ये पंच प्रयागों में से एक है और बेहद पवित्र माना जाता है। यहाँ रुककर आप संगम के दर्शन कर सकते हैं।

तापोवन और बद्रीनाथ

विष्णुप्रयाग के बाद तापोवन आता है। तापोवन में गरम पानी के झरने हैं और यहाँ का नज़ारा बेहद खूबसूरत होता है। पहाड़ों से घिरा ये स्थान आपको शांति का अनुभव कराएगा।

फिर हम बद्रीनाथ पहुँचते हैं। बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और चार धामों में से एक है।

`बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और चार धामों में से एक है। मंदिर समुद्र तल से 3133 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। मंदिर के पीछे नीलकंठ पर्वत है और सामने अलकनंदा नदी बहती है।

मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 3 बजे से 9 बजे तक का समय होता है। दर्शन के लिए लाइन लगती है लेकिन विजिलेंस और पुलिस की व्यवस्था अच्छी होती है। दर्शन के बाद आप मंदिर के आसपास घूम सकते हैं, फोटो ले सकते हैं।

तप्त कुंड में स्नान

बद्रीनाथ मंदिर के ठीक सामने तप्त कुंड है। ये गर्म पानी का कुंड है और यहाँ स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं, ऐसा मान्यता है। तप्त कुंड में पानी प्राकृतिक रूप से गर्म रहता है और ये पूरे साल बहता रहता है। तप्त कुंड में स्नान करने के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं लगता।

माता मूर्ति मंदिर

बद्रीनाथ मंदिर से लगभग 1 किमी दूर माता मूर्ति मंदिर है। ये मंदिर भगवान विष्णु की माता को समर्पित है। यहाँ दर्शन करने से माता का आशीर्वाद मिलता है। माता मूर्ति मंदिर तक का रास्ता आसान है और 15-20 मिनट में पहुँचा जा सकता है।

भविष्य बद्री

बद्रीनाथ से लगभग 17 किमी दूर भविष्य बद्री मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि जब भविष्य में बद्रीनाथ धाम बंद हो जाएगा तो भविष्य बद्री में भगवान विष्णु की पूजा होगी। भविष्य बद्री तक जाने के लिए local jeep या टैक्सी मिल जाती है।

वापसी और रात का ठहराव

शाम को बद्रीनाथ से दर्शन करके हम वापस जोशीमठ लौटते हैं। रात के लिए जोशीमठ होटल में ठहराव होगा। होटल में गर्म पानी की व्यवस्था होगी और रात का खाना भी यहीं मिल जाएगा।

दिन 4 का सारांश:

  • शुरुआत: जोशीमठ, सुबह 6 बजे
  • बद्रीनाथ दर्शन: सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक
  • तप्त कुंड स्नान, माता मूर्ति दर्शन: दोपहर 1-3 बजे
  • वापसी: जोशीमठ, शाम 5-6 बजे
  • ठहराव: जोशीमठ होटल

दिन 5 — जोशीमठ से वापस ऋषिकेश/हरिद्वार तक
सुबह की रवानगी

सुबह 7 बजे नाश्ते के बाद हम जोशीमठ से वापस ऋषिकेश/हरिद्वार की ओर रवाना होते हैं। ये वापसी का दिन होता है और इस दिन पूरा रास्ता वापस तय करना होता है।

रास्ते में चमोली और रुद्रप्रयाग

जोशीमठ से निकलकर हम चमोली से गुजरते हैं। चमोली के पहाड़ सुबह की धूप में बेहद खूबसूरत लगते हैं। फिर हम कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग से गुजरते हैं। रुद्रप्रयाग में आप दोबारा अलकनंदा-मंदाकिनी संगम के दर्शन कर सकते हैं।

श्रीनगर और देवप्रयाग

रुद्रप्रयाग के बाद श्रीनगर आता है। यहाँ आप दोपहर का खाना खा सकते हैं। श्रीनगर के बाद हम देवप्रयाग पहुँचते हैं। देवप्रयाग में दोबारा गंगा-अलकनंदा संगम के दर्शन कर सकते हैं।

ऋषिकेश पहुँचना

देवप्रयाग से ऋषिकेश तक का रास्ता लगभग 70 किमी है और इसमें 2 से 2.5 घंटे लगते हैं। शाम तक हम ऋषिकेश पहुँच जाते हैं। यहाँ आपकी यात्रा समाप्त होती है। ड्राइवर जी आपको आपके होटल या रेलवे स्टेशन छोड़ देंगे।

दिन 5 का सारांश:

  • शुरुआत: जोशीमठ, सुबह 7 बजे
  • अंत: ऋषिकेश/हरिद्वार, शाम 6-7 बजे
  • कुल दूरी: लगभग 275 किमी
  • कुल समय: 9 से 10 घंटे
  • ठहराव: यात्रा समाप्त

दिन 6 (वैकल्पिक) — माना गाँव और वासुधारा फॉल्स

अगर आपके पास 6वाँ दिन है तो आप माना गाँव और वासुधारा फॉल्स की यात्रा कर सकते हैं। ये दोनों जगहें बद्रीनाथ के पास हैं और बेहद खूबसूरत हैं।

माना गाँव

माना गाँव को भारत का अंतिम गाँव कहा जाता है। ये बद्रीनाथ से लगभग 3 किमी दूर है। माना गाँव में व्यास गुफा है जहाँ महर्षि वेद व्यास ने महाभारत की रचना की थी। गाँव की पहाड़ी संस्कृति और स्थानीय लोगों का स्वागत आपको मोहित कर देगा।

वासुधारा फॉल्स

माना गाँव से लगभग 9 किमी दूर वासुधारा फॉल्स है। ये 400 फीट ऊँचा झरना है जो पहाड़ों से सीधे नीचे गिरता है। झरने का नज़ारा बेहद खूबसूरत होता है और यहाँ फोटो लेना न भूलें। वासुधारा फॉल्स तक जाने के लिए local jeep या टैक्सी मिल जाती है।

वापसी

शाम को माना गाँव और वासुधारा फॉल्स की यात्रा के बाद हम वापस जोशीमठ और फिर ऋषिकेश लौटते हैं। इस तरह आपकी 6 दिन की यात्रा पूरी होती है।

दिन 6 का सारांश:

  • शुरुआत: जोशीमठ, सुबह 7 बजे
  • माना गाँव और वासुधारा फॉल्स: सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक
  • वापसी: ऋषिकेश/हरिद्वार, शाम 7-8 बजे
  • ठहराव: यात्रा समाप्त

कुल किराया और खर्च का पूरा ब्यौरा
कार का किराया (Maruti Suzuki Ertiga/XL6):

हमारी कार का किराया पूरी तरह पारदर्शी है। कोई छिपा हुआ खर्च नहीं।

पैकेजकीमत
5 दिन का पैकेज₹22,000 – ₹25,000
6 दिन का पैकेज₹26,000 – ₹28,000
अतिरिक्त दिन₹3,500 प्रति दिन
प्रति दिन किराया (ऑप्शनल)₹4,000 प्रति दिन
किराए में शामिल:
  • पूरी कार का किराया
  • ड्राइवर का भत्ता और खाना
  • टोल टैक्स और पार्किंग चार्जेस
  • 24×7 सपोर्ट और हेल्पलाइन
  • पिकअप और ड्रॉप (ऋषिकेश/देहरादून/हरिद्वार)

किराए में शामिल नहीं:

  • यात्रियों का खाना
  • होटल/अकॉमोडेशन का खर्च
  • केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट
  • गौरीकुंड local jeep किराया
  • पॉनी/डोली/पिट्ठू का खर्च
  • मंदिर दर्शन के लिए VIP पास
  • व्यक्तिगत खर्च (शॉपिंग, फोटो, आदि)
अन्य अनुमानित खर्च (3-4 लोगों के लिए):
आइटमअनुमानित खर्च
होटल (5 रातें, 2 रूम)₹8,000 – ₹12,000
खाना (3-4 लोग, 5 दिन)₹6,000 – ₹8,000
केदारनाथ हेलीकॉप्टर (वैकल्पिक)₹28,000 – ₹36,000 (4 लोगों के लिए)
गौरीकुंड local jeep₹800 – ₹1,200 (4 लोगों के लिए)
पॉनी/डोली (वैकल्पिक)₹8,000 – ₹12,000 (4 लोगों के लिए)
मंदिर दान/प्रसाद₹1,000 – ₹2,000
कुल अनुमानित बजट₹45,000 – ₹65,000 (3-4 लोगों के लिए, हेलीकॉप्टर सहित)
बिना हेलीकॉप्टर के कुल बजट₹40,000 – ₹50,000 (3-4 लोगों के लिए)

13 साइटसीन स्पॉट्स — कहाँ-कहाँ घूमेंगे आप

इस 5-6 दिन की यात्रा में आप निम्नलिखित 13 जगहों की सैर करेंगे:

1. देवप्रयाग — गंगा-अलकनंदा संगम, जहाँ गंगा का जन्म होता है। यहाँ का संगम बेहद पवित्र माना जाता है।

2. रुद्रप्रयाग — अलकनंदा-मंदाकिनी संगम, डू धाम यात्रा का प्रवेश द्वार। यहाँ रुद्रनाथ मंदिर भी है।

3. कर्णप्रयाग — अलकनंदा-पिंडर संगम, पंच प्रयागों में से एक। यहाँ का नज़ारा बेहद खूबसूरत है।

4. तिवारी — मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नज़ारा, पहाड़ों के बीच से बहती नीली-हरी नदी।

5. गुप्तकाशी — अर्धनारीश्वर मंदिर, केदारनाथ यात्रा का बेस कैंप। यहाँ की शाम की आरती देखने लायक है।

6. गौरीकुंड — गर्म पानी के झरने, केदारनाथ ट्रेक का शुरूआती बिंदु। यहाँ स्नान करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।

7. केदारनाथ मंदिर — 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव का पवित्र धाम। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित यह मंदिर आस्था का प्रतीक है।

8. जोशीमठ — नरसिंह मंदिर, आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित। यहाँ की आरिस्टो चॉकलेट्स भी प्रसिद्ध है।

9. विष्णुप्रयाग — अलकनंदा-धौलीगंगा संगम, पंच प्रयागों में से एक। यहाँ का नज़ारा मन को शांत कर देता है।

10. तापोवन — गरम पानी के झरने, बद्रीनाथ के रास्ते में एक सुंदर स्थल।

11. बद्रीनाथ मंदिर — चार धामों में से एक, भगवान विष्णु का पवित्र धाम। नीलकंठ पर्वत के सामने स्थित यह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

12. तप्त कुंड — बद्रीनाथ मंदिर के सामने गर्म पानी का कुंड, जहाँ स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं।

13. माना गाँव और वासुधारा फॉल्स (वैकल्पिक) — भारत का अंतिम गाँव और 400 फीट ऊँचा झरना। ये दोनों जगहें बद्रीनाथ के पास हैं और बेहद खूबसूरत हैं।


आराम और सुविधा — आपकी सुविधा के अनुसार

हमारी Swift Desire कार में आपको निम्नलिखित सुविधाएँ मिलेंगी:

AC और हीटर — पहाड़ की ठंड में AC और हीटर दोनों की व्यवस्था होगी। सुबह की ठंड और दोपहर की गर्मी — दोनों के लिए कार तैयार है।

साफ-सुथरी और सैनिटाइज़्ड कार — हर ट्रिप से पहले कार की पूरी सफाई और सैनिटाइज़ेशन की जाती है। आपकी सेहत हमारी पहली प्राथमिकता है।

आरामदायक सीटें — Ertiga/XL6 की सीटें लंबे सफर के लिए परफेक्ट हैं। पीछे की सीटें भी आरामदायक हैं और बीच में बैठने वाले को भी कोई दिक्कत नहीं होगी।

बैगेज स्पेस — 3-4 लोगों का सामान आराम से आ जाएगा। अगर ज्यादा सामान है तो रूफ टॉप बैग भी लगा सकते हैं।

ड्राइवर जी स्थानीय — हमारे सभी ड्राइवर उत्तराखंड के स्थानीय हैं। उन्हें पहाड़ी रास्तों का दशकों का अनुभव है। वे आपको रास्ते, दर्शन, खाने की जगह की पूरी जानकारी देंगे।

लचीला समय — आपकी सुविधा के हिसाब से कार चलेगी। चाहे आप जल्दी निकलना चाहें या आराम से, चाहे रास्ते में ज्यादा रुकना चाहें या सीधे गंतव्य पर पहुँचना चाहें — सब कुछ आपकी मर्जी।

24×7 सपोर्ट — किसी भी समस्या के लिए 24×7 हेल्पलाइन उपलब्ध है। चाहे कार में कोई दिक्कत हो, चाहे रास्ते में कोई समस्या हो — हम तुरंत मदद करेंगे।

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